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सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन (एसआरआरए) सुविधा

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के आदित्य भवन रूफटॉप में सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन (एसआरआरए)

सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन (एसआरआरए) नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 2010 में शुरू किया गया एक मिशन आधारित कार्यक्रम है, जो देश भर के विभिन्न स्थानों पर दुनिया के सबसे बड़े भूमिगत सौर विकिरण मापन स्टेशन स्थापित करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं के डिजाइन और कार्यान्वयन के लिए देश में निवेशक ग्रेड गुणवत्ता वाले सौर विकिरण डेटा की उपलब्धता की कमी को पूरा करना है। सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन कार्यक्रम को दो चरणों में लागू किया गया था जहां पहले चरण में अक्टूबर, 2011 तक 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 51 सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन (एसआरआरए) स्टेशनों की स्थापना की गई थी और दूसरे चरण में 60 सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन स्टेशनों (28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में) की स्थापना की गयी। इसके अतिरिक्त, जून 2014 तक देश में चार विशिष्ट स्थानों पर आने वाली सौर विकिरण के वर्गीकरण के लिए चार उन्नत मापन स्टेशनों (एएमएस) को जोड़ा गया।

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के पास एक सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन स्टेशन (चरण-1) और इसके सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन सुविधा के भाग के रूप में एएमएस स्टेशन हैं। यह सुविधा राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में विभिन्न सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के मूल्यांकन के लिए सौर संसाधन मूल्यांकन गतिविधियों और प्रदर्शन की निगरानी, गुणवत्तापूर्ण सौर विकिरण डेटा प्रदान कर रही है। मौजूदा सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन सुविधा को विश्व जलवायु अनुसंधान कार्यक्रम (डब्लूसीआरपी) (बीएसआरएन अभ्यर्थी स्टेशन संख्या : 56) के अंतर्गत स्थापित एक वैश्विक विकिरण नेटवर्क, बेसलाइन सोलर रेडिएशन नेटवर्क (बीएसआरएन) के सदस्य के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन की सुविधा विश्व मौसम विज्ञान संगठन के उच्च गुणवत्ता युक्त अत्याधुनिक सेंसरों से सुसज्जित है जो उच्च गुणवत्ता वाले सौर विकिरण और मौसम संबंधी डेटा को मापने के साथ विभिन्न अन्य परिष्कृत पैरामीटर आने वाले सौर विकिरण की गुणवत्ता को वर्गीकृत करते हैं। संपूर्ण सुविधा के दो भाग हैं, जिसमें से एक विश्व मौसम विज्ञान संगठन के उच्च गुणवत्ता या आईएसओ सेकेंडरी स्टैंडर्ड सेंसर द्वारा ग्लोबल हॉरिजॉन्टल इररेडिएंस (जीएचआई), डिफ्यूज़ हॉरिजॉन्टल इररेडिएंस (डीएचआई), डाइरैक्ट नॉर्मल इररेडिएंस जैसे सामान्य सौर विकिरण पैरामीटरों को मापता है वहीं इसके साथ दूसरा एनआईएसटी ट्रेसेबल सेंसर द्वारा एम्बिएंट तापमान, सापेक्ष आर्द्रता, वायु की चाल, वायु की दिशा जैसे मौसम संबंधी पैरामीटरों को मापता है।

जीएचआई, डीएचआई और डीएनआई मापन व्यवस्था

उन्नत मापन सुविधा (एएमएस) : सुविधा का अन्य भाग जिसे उन्नत मापन सुविधा भी कहा जाता है, परिष्कृत सेंसर से मिलकर बना होता है जो आने वाली सौर विकिरण की गुणवत्ता को वर्गीकृत करने वाले पैरामीटर को मापता है। सेंसर, जो कि सुविधा का हिस्सा है, सन फोटोमीटर, अलबेडोमीटर, प्रिज्योमीटर, विजिबिलिटी सेंसर और सिलिकॉन फोटोडायोड सेंसर हैं। निम्न तालिका इन सेंसर के महत्व को दर्शाती है।

सन फोटो मीटर

क्रम संख्या सेंसर मापे जाने वाले पैरामीटर अनुप्रयोग
1 सन फोटोमीटर 10 असंतत तरंगदैर्ध्य पर स्पेक्ट्रल डीएनआई एरोसोल ऑप्टिकल डेप्थ (एओडी), जलवाष्प स्तंभ, ओजोन स्तंभ का पता लगाना
2 अलबेडोमीटर अलबेडो या भू परावर्तित विकिरण विभिन्न परिस्थितियों में भू परावर्तित विकिरण की मात्रा पता लगाना
3 प्रिज्योमीटर दीर्घ तरंग या अवरक्त विकिरण निम्न वायुमंडलीय दीर्घ तरंग विकिरण को मापना
4 विजिबिलिटी सेंसर वायुमंडलीय दृश्यता वायुमंडल में निलंबित कण द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण दृश्यता का मापन
5 सिलिकॉन फोटोडायोड स्पेक्ट्रम के दृश्य और निकट अवरक्त भाग में वैश्विक सौर विकिरण पीवी प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन मूल्यांकन

स्टेशनों की रिमोट मॉनिटरिंग

सभी पैरामीटरों के लिए स्टेशन से डेटा (सौर और मौसम विज्ञान संबंधी) की निगरानी वेब इंटरफेस द्वारा वास्तविक समय के आधार पर की जाती है। रिमोट मॉनिटरिंग डेटा की सुलभता प्रदान करने के अलावा दूरस्थ रूप से जल्द से जल्द निवारक रखरखाव का समय निर्धारण करके डेटा की हानि को रोकती है।

सौर विकिरण अंशाकन प्रयोगशाला (एसआरसीएल), राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान

सूर्य भवन राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में सौर विकिरण अंशाकन सुविधा

सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्ता युक्त डेटा के उत्पादन को प्राप्त करने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन नेटवर्क के सौर रेडियोमीटर के अंशाकन के लिए एक अंशाकन प्रयोगशाला की स्थापना की गई थी। राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में सौर विकिरण अंशाकन प्रयोगशाला (एसआरसीएल) देश के ज्यादातर उत्तरी, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के स्टेशनों के सौर रेडियोमीटर के अंशाकन द्वारा गुणवत्ता युक्त डेटा के उत्पादन के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के सौर विकिरण संसाधन मूल्यांकन कार्यक्रम का सहयोग कर रहा है।

एसआरसीएल सूर्य भवन राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में स्थापित एक बाहरी प्रयोगशाला है, जिसमें सटीक रेडियोमेट्रिक अंशाकन प्राप्त करने के लिए उत्कृष्ट संरचना और एब्सॉल्यूट कैविटी रेडियोमीटर (प्राथमिक मानक -एप्पली एडब्लूएक्स-एएचएफ) जैसे उच्चतम गुणवत्तापूर्ण संदर्भित मानक सेंसर हैं। स्थापना डब्लूएमओ के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है, एसआरसीएल अंशाकन के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक (आईएसओ 9847, आईएसओ 9059, आईएसओ 9846) का पालन करता है, तब कैलिब्रेशन (अंशाकन) ट्रेसेबिलिटी की स्थापना की जाती है और इस प्रकार वर्ल्ड रेडियोमेट्रिक रेफ्रेन्स (डब्लूआरआर) पैमाने पर सौर विकिरण को मापा जाता है। इसके अलावा, यह सुविधा अपने वाणिज्यिक मोड कार्यक्रम के तहत देश में निजी संगठनों के अंशाकन की आवश्यकता को भी पूरा कर रही है।

वाणिज्यिक मोड के तहत रेडियोमीटर अंशाकन : लागू अंशाकन शुल्क पर देश के किसी भी निजी संगठन और संस्थान को अंशाकन सेवाओं का विस्तार करने के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान द्वारा वाणिज्यिक अंशांकन मोड कार्यक्रम 2017 में शुरू किया गया था। वाणिज्यिक मोड के तहत सौर रेडियोमीटर के अंशाकन के बारे में अतिरिक्त विवरण ग्राहक सेवा सेल राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान से प्राप्त किया जा सकता है।


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